रतलाम में बढ़ती जनसमस्याएं और प्रशासनिक उदासीनता: आखिर कब जागेगा तंत्र?
जेडी बैरागी वैष्णव, शुभदर्शन TV न्यूज़ चैनल-रतलाम जिले में इन दिनों एक चिंताजनक प्रवृत्ति तेजी से उभरकर सामने आ रही है—छोटी-छोटी जनसमस्याओं के समाधान के लिए भी अब धरना-प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि आम जनता ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों को भी अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों के कार्यालय के सामने तो कही सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों को भी कमजोर






